भारत सरकार और विदेशी सरकारों के बीच समय-समय पर हुए शैक्षिक विनिमय कार्यक्रम संबंधी समझौतों के अंतर्गत कोश एवं वार्तालाप पुस्तिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई । केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा तैयार किये जा रहे इन कोशों एवं वार्तालाप पुस्तिकाओं का उद्देश्य भारत तथा संबद्ध देशों के बीच भाषा की असुविधा को दूर करना है ताकि हिंदी भाषियों को अपने विदेश प्रवास के दौरान तथा विदेशियों को भारत प्रवास के दौरान भाषा की असुविधा न हो और उन्हें एक-दूसरे के समीप आने में सहायता मिल सके। ये कोश एवं वार्तालाप पुस्तिकाएँ विद्यार्थियों , शिक्षकों, राजनयिकों एवं पर्यटकों आदि के लिए व हिंदी के प्रचार-प्रसार में काफी उपयोगी एवं सहायक हैं।

भाषा मूलक कोश

1. पोलिश–हिंदी कोश

पोलिश-हिंदी कोश में पोलिश भाषा के लगभग 15,000 शब्द मुख्य प्रविष्टि के रूप में संकलित है । शब्द - चयन का मुख्य आधार दैनिक व्यवहार में उनका प्रयोग रहा है । इस कोश में चार स्तंभ हैं जिनका प्रारूप इस प्रकार है : 1. पोलिश शब्द मूल प्रविष्टि के रूप में 2. उनकी व्याकरणिक कोटि 3. पोलिश शब्दों का देवनागरी लिप्यंतरण 4. पोलिश शब्दों के हिंदी पर्याय । देवनागरी लिप्यंतरण की सहायता से इस कोश के प्रयोक्ता पोलिश शब्दों का उच्चारण आसानी से समझ सकते हैं । यह कोश निर्माणाधीन है ।

2. चेक–हिंदी कोश

चेक-हिंदी कोश में चेक भाषा के लगभग 15,000 शब्द मुख्यम प्रविष्टि के रूप में संकलित हैं। शब्दण चयन का मुख्यत आधार दैनिक व्यंवहार में उनका प्रयोग रहा है। इस कोश में तीन स्तं भ हैं जिनका प्रारूप इस प्रकार है- 1. चेक शब्द मूल प्रविष्टि के रूप में 2. चेक शब्दो का देवनागरी लिप्यंातरण 3. व्याकरणिक कोटि 4. चेक शब्दों के हिंदी पर्याय देवनागरी लिप्यंेतरण की सहायता से इस कोश का प्रयोक्ता चेक शब्दों का निकटतम उच्चारण आसानी से समझ सकता है मूल्य : रु 1148.00, कुल पृष्‍ठ : 646

3. जर्मन हिंदी कोश

जर्मन-हिंदी कोश में तत्कालीन पूर्वी जर्मनी (जी.डी.आर.) से प्राप्त 45,000 प्रविष्टियों को निम्नलिखित प्रकार से निरूपित किया गया है-

जर्मन प्रविष्टि -> देवनागरी लिप्यंतरण -> व्याकरणिक कोटि तथा उससे जुडी अन्य जानकारी: 1. मुख्यार्थ (सामान्य तथा प्रचलित अर्थ) 2. बोलचाल (बोल॰) तथा शिथिल प्रयोग (शि॰प्र॰) 3. साहित्यिक (साहि॰) 4. लाक्षणिक (लाक्ष॰) 5. आलंकारिक (आल॰) 6. पारिभाषिक (पारि॰) 7. मुहावरे (मुहा॰) 8. लोकोक्ति 9. विशेष प्रयोग (वि॰ प्र॰) 10. कहावतें। इस कोश के दो खंड सन 1990 में प्रकाशित किए गए।

खंड 1- A से F, पृष्‍ठ संख्या 1 से 811, मूल्य -295.50 रुपए

खंड 2- G से L, पृष्‍ठ संख्या 812 से 1374, मूल्य -205.00 रुपए ।

तीसरा और चौथा खंड प्रकाशनाधीन है।

हिंदी मूलक कोश

1. हिंदी बल्गारियाई कोश

इस कोश में हिंदी भाषा के 5000 शब्द मुख्य के रूप में संकलित हैं। शब्द चयन का मुख्य आधार दैनिक व्यवहार में उनका प्रयोग रहा है । कोश में पाँच स्तंभ हैं :- 1. हिंदी भाषा की मुख्य प्रविष्टि 2. व्याकरणिक कोटि 3. बल्गारियाई भाषा में मुख्य प्रविष्टि का लिप्यंतरण 4. बल्गारियाई पर्याय 5. बल्गारियाई पर्याय का हिंदी लिप्यंतरण । कोश प्रकाशनाधीन है।

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  • 08-12-2021
    08-12-2021
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