यह भाषा सीखने के क्षेत्र में आधुनिक अनुसंधानों पर आधारित हिंदी का वैज्ञानिक व्याकरण है। यह व्याकरण पुस्तिका हिंदी की वास्तविक प्रकृति को दर्शाती है तथा भाषा अध्ययन की नवीनतम विधियों के अनुरूप विषय के साथ न्याय करती है। यह समग्र एवं प्रामाणिक हिंदी व्याकरण की एक संपूर्ण पुस्तक है। अब तक इसके सात संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। पहला संस्करण सन् 1958 में निकला । सातवाँ और नवीनतम संस्करण सन् 2012 में निकला है। इसमें कुल 406 पृष्‍ठ हैं तथा मूल्य 1080 रु. हैं।

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  • 08-12-2021
    08-12-2021
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